Skip to main content

मानसून में पैरों की देखभाल के लिए करें ये घरेलू उपचार

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 29-07-2018 / 1:03 PM
  • Update Date: 29-07-2018 / 1:18 PM

मानसून सीजन में कीचड़ से सने रास्तों, पानी से लबालब गलियों, आद्र्रता भरे ठंडे वातावरण तथा सीलन में पैरों को काफी झेलना पड़ता है। जूतों के चिपचिपे होने के कारण पैरों में दाद, खाज, खुजली तथा लाल चकत्ते पड़ जाते हैं। मानसून के सीजन में पैरों के देखभाल की अत्याधिक आवश्यकता होती है। आप कुछ साधारण सावधानियों तथा आयुर्वेदिक उपचारों से पांव तथा उंगलियों के संक्रमण से होने वाले रोगों से बच सकते हैं।

करें ये घरेलू उपचार-

फूट सोक-
बाल्टी में एक चौथाई गर्म पानी, आधा कप खुरखुरा नमक, दस बूंदे नीबू रस या संतरे का सुंगधित तेल डालिए। यदि आपके पांव में ज्यादा पसीना निकलता है तो कुछ बूंदें टी-ऑयल को मिला लीजिए, क्योंकि इसमें रोगाणु रोधक तत्व मौजूद होते हैं तथा यह पांव की बदबू को दूर करने में मदद करती है। इस मिश्रण में 10-15 मिनट तक पांवों को भिगोकर बाद में सुखा लीजिए।

फूट लोशन-
3 चम्मच गुलाब जल, 2 चम्मच नींबू जूस तथा एक चम्मच शुद्ध ग्लिसरीन का मिश्रण तैयार करके इसे पांव पर आधा घंटा तक लगाने के बाद पांव को ताजे साफ पानी से धोने के बाद सुखा लीजिए।

ड्राइनेस फूट केयर-
एक बाल्टी के चौथाई हिस्से तक ठंडा पानी भरिए तथा इस पानी में दो चम्मच शहद एक चम्मच हर्बल शैम्पू, एक चम्मच बादाम तेल मिलाकर इस मिश्रण में 20 मिनट तक पांव भिगोइए तथा बाद में पांव को ताजे स्वच्छ पानी से धोकर सुखा लीजिए।

कुलिंग मसाज आयल-
100 मिली लीटर जैतून तेल, 2 बूंद नीलगरी तेल, 2 चम्मच रोजमेरी तेल, 3 चम्मच खस या गुलाब का तेल मिलाकर इस मिश्रण को एयरटाइट गिलास जार में डाल लीजिए। इस मिश्रण को प्रतिदिन पांव की मसाज में प्रयोग कीजिए। इससे पांवों को ठंडक मिलेगी और यह त्वचा को सुरक्षा प्रदान करके इसे स्वस्थ्य रखेगा।

Share This Article On :

loading...

Comments

Popular posts from this blog

शादी की दूसरी सालगिरह मना रहे हैं करण और बिपाशा, ऐसे किया एक-दूसरे को विश (Karan Singh Grover And Bipasha Basu celebrating 2nd Marriage Anniversary)

Share Get link Facebook Twitter Pinterest Google+ Email Other Apps Labels #ChalSaheli #MeriSaheli आज के आपाधापी भरे जीवन में एक अच्छे करियर की तलाश, अभिभावकों की उम्मीदें, और अपनी महत्वाकांक्षाएं- इन सबको पूरा करने के लिए ज़रूरी है एक ऐसा फॉर्मेट तैयार करना, जिससे आप न केवल प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल हो सकें, बल्कि कड़ी स्पर्धा के बावजूद अपने लिए अपनी योग्यतानुसार एक सुनहरा भविष्य संजो सकें. तो फिर देर किस बात की. आइए, पहले एक फॉर्मेट तैयार करते हैं कि किसी भी प्रतियोगी परीक्षा के लिए किन-किन बातों का ध्यान रखना ज़रूरी है. 1. लक्ष्य निर्धारणः सबसे पहले आप अपना लक्ष्य निर्धारित करें कि आपको क्या बनना है, सफलता आपको किस क्षेत्र में चाहिए और क्या आप उस क्षेत्र में मील का पत्थर साबित हो पाएंगे? हमारे एक परिचित हैं, जिन्होंने पहले इंजीनियरिंग की, कुछ साल जॉब किया और फिर एमबीए किया, उसके बाद बैंक में जॉब कर रहे हैं. उन्होंने अपनी योग्यता का झंडा हर जगह फहराया, पर सवाल ये है कि अगर आपका रुझान उस ओर नहीं है, तो वो दिशा आप न चुनें. दिशा वो चुनें, जिसमें आपका रुझान हो...

इस ओवर नाइट फेस मास्‍क से रातभर में चेहर पर लाएं चमक

क्या आपका चेहरा भी सुबह सोकर जागने पर अमुमन खींचा हुआ और डल लगता है? साथ ही तमाम क्रीम और लोशन भी ट्राय भी कर चुके है, ताकि स्किन थोड़ी ग्लोइंग हो जाए और चेहरा दमक उठे? लेकिन इन सभी को अप्लाई करने के बाद भी कोई रिजल्ट नहीं आया, तो घबराइए मत आज हम आपको कुछ ऐसे ओवर नाइट फेस मास्क बता रहें, जिनके इस्तेमाल से चेहरा सुबह उठने पर डल नहीं बल्कि खिला-खिला होगा और स्किन चमक उठेगी। साथ ही यह सभी फेस मास्क आप घर पर रखी और रोजमर्रा में काम आने वाली चीजों को इस्तेमाल करके बना सकते है। दरअसल हमारी स्किन डेली रूटीन के चलते पॉल्युशन और पसीने से डेमेज होती है ऐसे में हमें हमारी त्वचा का खास ख्याल रखना बहुत जरुरी है। आपकी त्वचा कि देखभाल में आपकी मदद करेंगे यह सात तरह के ओवरनाइट फेस मास्क। 1 टरमरिक एंड बेसन  चार चम्मच बेसन और दो चम्मच दूध या फिर मलाई के साथ चुटकी भर हल्दी मिलाकर मास्क बनाए। इस मास्क को चेहरे पर रातभर लगाकर, सुबह ठंडे पानी से अच्छे से साफ करे। 2 स्ट्रॉबेरी फेस मास्क  विटमिन सी और फॉलिक एसिड से भरपूर स्ट्रॉबेरी, स्किन को हैल्दी बनाने के साथ ही उसमे ग्लो लाती हैं। इस मास्क क...

दर्द

तो इस वजह से होता है महीने के उन दिनों में दर्द महीने के उन दिनों में पेट के निचले हिस्से में दर्द होना एक सामान्य बात है. पीरियड्स की डेट आने से पहले ही हाथ और पैरों में दर्द होना शुरू हो जाता है. किसी को कम दर्द होता है तो किसी को ज्यादा. सबका दर्द अलग होता है. अगर आपको पीरियड्स के दौरान हल्का दर्द है तो ये बेहद सामान्य बात है लेकिन अगर दर्द बर्दाश्त नहीं होता है तो ये चिंता की बात है. कुछ महिलाओं को तो पीरियड्स में इतना दर्द होता है कि उन्हें दवा लेनी पड़ जाती है. अगर पीरियड्स में बहुत दर्द रहता है तो इसे अनदेखा न करें. हो सकता है कि आपको dysmenorrhoea हो. ये एक हेल्थ कंडिशन है जोकि सात में एक महिला को होती है. कई बार पीरियड्स के रेग्युलर नहीं होने की भी वजह से दर्द होता है. इसके अलावा हेवी ब्लीडिंग होने पर भी दर्द बढ़ जाता है. इन दिनों में, प्रोस्‍टेग्‍लैडिंस का स्‍त्राव होता है जिसकी वजह से दर्द होता है. इस दौरान गर्भाशय की मांसपेशियां सिकुड़ जाती हैं ताकि उसमें मौजूद सारी गंदगी साफ हो जाए. बहुत सी महिलाओं को इस दौरान सिर दर्द, उल्टी और भारीपन की भी शिकायत हो जाती है. पीरि...